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बुधवार, 20 सितंबर 2017

जनकृति की इकाई से जुडें एवं अपने कार्यों का प्रचार करें



#जनकृति_की_इकाई_विश्वहिंदीजन_से_जुड़ने_हेतु_सूचना
[https://vishwahindijan.blogspot.in/]
वर्ष 2016 में जनकृति द्वारा हिंदी भाषा सामग्री के संकलन एवं प्रचार-प्रसार हेतु विश्वहिंदीजन को प्रारंभ किया गया. विगत एक वर्षों से हम संकलन कार्यों के साथ-साथ आपके सृजन कार्यों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. यदि आप विश्वहिंदीजन से जुड़ना चाहते हैं तो नीचे दिए लिंक पर जाकर 'विश्वहिंदीजन से जुडें' के माध्यम से हमारे सभी कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
[https://vishwahindijan.blogspot.in/] यदि आप मोबाईल के माध्यम से विश्वहिंदीजन देख रहे हैं तो पोर्टल खुलने पर नीचे की तरफ जाकर संकलन कार्य इत्यादि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
यदि आप अपने प्रकाशित/अप्रकाशित लेख, रचनाओं, पत्रिका, पुस्तकों को सभी तक पहुंचाना चाहते हैं तो संक्षिप्त परिचय, चित्र के साथ vishwahindijan@gmail.com पर मेल करें.
अत्यंत ही कम समय में विश्वहिंदीजन के कार्यों से देश-विदेश के कई पाठक जुडें हैं. विश्व की कई अंतरराष्ट्रीय हिंदी संस्थाओं के साथ मिलकर हम संकलन का कार्य रहे है.
जनकृति का उद्देश्य पत्रिका प्रकाशन के साथ-साथ वर्त्तमान में हो रहे सभी सृजन कार्यों का प्रचार-प्रसार करना है साथ ही एक ही मंच सभी के कार्यों को एकत्रित करना है ताकि पाठकों को सरल रूप में सभी जानकारी यहाँ प्राप्त हो सके. इन सभी कार्यों में यदि आप सहयोग करना चाहें तो भी आपका स्वागत है. यह आपका अपना मंच है, जो सहयोग से संचालित होता है.

कुमार गौरव मिश्रा
संस्थापक एवं अध्यक्ष
जनकृति

कविता सिंह चौहान
संस्थापक एवं संचालन
जनकृति
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