निदा नवाज़ की कविताएँ
विश्वहिंदीजन चौपाल9:31:00 am
1-हमारी अम्मा की ओढ़नी वे जब आते हैं रात-समय दस्तक नहीं देते हैं तोड़ते हैं दरवाजे़ और घुस आते हैं हमारे घरों में वे दाढ़ी से घसीटत...
0 Comments
Read
Reviewed by विश्वहिंदीजन चौपाल
on
9:31:00 am
Rating: 5
Reviewed by विश्वहिंदीजन चौपाल
on
6:50:00 pm
Rating: 5