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लेखक मित्रों, शिक्षकों, शोधार्थियों हेतु आवश्यक सूचना - जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका


जनकृति पत्रिका के आगामी अंक हेतु रचनाएं, लेख, साक्षात्कार हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा में 15 मई तक भेज सकते हैं। हिंदी भाषा हेतु कृतिदेव 10 एवं यूनिकोड मान्य है। अंग्रेजी में times new roman फॉन्ट स्वीकार्य है। आप साहित्य के किसी भी विधा में रचना भेज सकते हैं। लेख, आलेख में विषय आप जनकृति के विभिन्न स्तम्भ के अनुसार भेज सकते हैं। स्तम्भ देखने हेतु पत्रिका की वेबसाईट www.jankritipatrika.in पर जाएँ। आप समसामायिक विषयों पर भी लेख दे सकते हैं. शोध आलेख भेजने वाले शोध सार, की वर्ड, सन्दर्भ अनिवार्य रूप से दें। सभी रचनाएं, लेख, शोध आलेख इत्यादि jankritipatrika@gmail.com पर ही भेजें।

जनकृति परिचय- जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका का प्रकाशन मार्च 2015 से किया जा रहा है. इसके 6 विशेषांक समेत कुल 23 अंक अभी तक प्रकाशित हुए हैं. वर्त्तमान में जनकृति से देश-विदेश के लाखों पाठक जुड़े हैं साथ ही जनकृति की इकाई विश्वहिंदीजन द्वारा पत्रिकाओं, पुस्तकों, लेख, रचनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाता है एवं हिंदी भाषा सामग्री का ई संग्राहलय तैयार किया जा रहा है. जनकृति पत्रिका को वर्त्तमान में citefactor, IIFS, DRJI, IFSIJ जैसे रिसर्च इंडेक्स में शामिल किया गया है.
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