पंकज चतुर्वेदी की रचनाएँ - विश्वहिंदीजन

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बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

पंकज चतुर्वेदी की रचनाएँ




अतीत का इस्तेमाल
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सत्ता-पक्ष के बुद्धिजीवी
विपक्ष की आलोचना करते हैं :
आज जो देश का हाल है
वह इसी विपक्ष के
कारनामों का नतीजा है
क्योंकि पहले इनकी सरकार थी


और आज जो कुछ भी है
भ्रष्टाचार, अन्याय, हिंसा :
क्या वह पहले नहीं थी
बल्कि पहले तो अधिक ही थी


सरकार करना तो
बहुत चाहती है
पर सिस्टम इतना
बिगड़ा हुआ मिला है
कि उसे ठीक करने में
बहुत वक़्त लगेगा


इस तरह लोकतंत्र में
अतीत का इस्तेमाल
उससे कुछ सीखने के लिए नहीं
वर्तमान को सह्य बनाने के लिए
किया जाता है


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असम्मानित
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अपमानित करनेवाला
सोचता है
कि वह विजेता है


पर अपकृत्य वह
इसी कुंठा में करता है
कि उसका कोई
सम्मान नहीं है


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सौन्दर्य
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नदी गहन है करुणा से
उत्साह से गतिमान्


उसके प्रवाह का कारण
सजलता है
और इनकी संहति
उसका सौन्दर्य


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